बुधवार, 7 अगस्त 2013

महात्मा गांधी मुझे कानून के बीस वर्ष के अभ्यास के दौरान मनुष्य के दिल की बात जानने का एहसास हुआ है । इन बीस वर्षो में मैने सैकडो केसों में समझौता कराए हैं जिसमें मैने अपनी आत्मा को पाया है । कुछ भी नहीं खोया है । पैसे का भी नुकसान नहीं हुआ है ।

                  महात्मा गांधी

                                           मुझे कानून के बीस वर्ष के अभ्यास के दौरान मनुष्य के दिल की बात जानने का एहसास हुआ है । इन बीस वर्षो में मैने सैकडो केसों में समझौता कराए हैं जिसमें मैने अपनी आत्मा को पाया है । कुछ भी नहीं खोया है । पैसे का भी नुकसान नहीं हुआ है ।




कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

mdhyasthta मध्यस्थता (उमेश कुमार गुप्ता)