महात्मा
गांधी
मुझे
कानून के बीस वर्ष के अभ्यास
के दौरान मनुष्य के दिल की बात
जानने का एहसास हुआ है । इन
बीस वर्षो में मैने सैकडो
केसों में समझौता कराए हैं
जिसमें मैने अपनी आत्मा को
पाया है । कुछ भी नहीं खोया है
। पैसे का भी नुकसान नहीं हुआ
है ।
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mdhyasthta मध्यस्थता (उमेश कुमार गुप्ता)