न्यायालय- प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश रायसेन म0प्र0
मध्यस्थ निर्देशन आदेश
प्रकरण क्रमांक-
आवेदक अनावेदक
क्रमांक-1. नाम क्रमांक-1. नाम
पता विरूद्व पता
क्रमांक-2 नाम क्रमांक-2. नाम
पता पता
.
विषयः--------------------------------------------
-------------------------------------------
01. यह कि न्यायालय के समक्ष पक्षकारो ने धारा 89 आदेश-1 नियम-10ए व्य0प्र0सं0 के अंतर्गत प्रकरण मध्यस्थ केन्द्र में मध्यस्था हेतु भेजने में अपनी सहमति व्यक्त की है ।
02. यह कि आवेदक ------एंव अनावेदक---------अपने अधिवक्ताओं सहित मध्यस्थ केन्द्र रायसेन में सुसंगत दस्तावेज एंव सामग्री सहित दिनांक------ को उपस्थित होगें जहां पर उन्हें बताया जावेगा कि उनके प्रकरण में कौन मध्यस्था करेगा ।
03. यह कि सुनवाई प्रशिक्षित एडवोकेट/जज मध्यस्थ द्वारा की जावेगी। जिसका इस कार्यवाही की मैरिट पर कोई प्रभाव नही पड़ेगा । मध्यस्थ के दौरान जो बाते पक्षकारो द्वारा प्रकट की जावेगी वह सर्वथा गोपनीय रखी जावेगी । उन बातो को मध्यस्थ कार्यवाही समाप्त होने पर किसी भी न्यायालय अथवा अन्य कार्यवाही में प्रश्नगत नहीं किया जावेगा ।
04. यह कि मध्यस्थ के पक्षकारो सहित उनके अधिवक्ता गोपनीय रूप से कार्य करने की शपथ लेते हैं । यदि गोपनीयता भंग की जाती है तो इस संबंध में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकेगी ।
05. यह कि मध्यस्थ कार्यवाही के दौरान जो भी हल दोनो की सहमति से निकलेगा वह संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित दिनांकित कर इस न्यायालय को अंतिम आदेश पारित करने के लिये भेजा जावेगा ।
06. यह कि मध्यस्थ कार्यवाही के लिए 60 दिन नियत किये जाते हैं । यदि 60 दिन में कार्यवाही पूरी नहीं होती है तो पक्षकारों द्वारा इस न्यायालय के समक्ष आवेदन किये जाने पर 30 दिन की म्याद ओर बढ़ाई जा सकेगी ।
दिनांक-
स्थान- रायसेन ।
हस्ताक्षर/-
मध्यस्थ निर्देशन न्यायाधीश
हस्ताक्षर/- हस्ताक्षर/-
नाम नाम
आवेदक अनावेदक
हस्ताक्षर/- हस्ताक्षर/-
नाम नाम-
आवेदक अधिवक्ता अनावेदक अधिवक्ता
प्रतिलिपिः-
1- प्रभारी मध्यस्थता केन्द्र रायसेन ।
2- सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन ।
प्रकरण क्रमांक-
आवेदक अनावेदक
क्रमांक-1. नाम क्रमांक-1. नाम
पता विरूद्व पता
क्रमांक-2 नाम क्रमांक-2. नाम
पता पता
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विषयः--------------------------------------------
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01. यह कि न्यायालय के समक्ष पक्षकारो ने धारा 89 आदेश-1 नियम-10ए व्य0प्र0सं0 के अंतर्गत प्रकरण मध्यस्थ केन्द्र में मध्यस्था हेतु भेजने में अपनी सहमति व्यक्त की है ।
02. यह कि आवेदक ------एंव अनावेदक---------अपने अधिवक्ताओं सहित मध्यस्थ केन्द्र रायसेन में सुसंगत दस्तावेज एंव सामग्री सहित दिनांक------ को उपस्थित होगें जहां पर उन्हें बताया जावेगा कि उनके प्रकरण में कौन मध्यस्था करेगा ।
03. यह कि सुनवाई प्रशिक्षित एडवोकेट/जज मध्यस्थ द्वारा की जावेगी। जिसका इस कार्यवाही की मैरिट पर कोई प्रभाव नही पड़ेगा । मध्यस्थ के दौरान जो बाते पक्षकारो द्वारा प्रकट की जावेगी वह सर्वथा गोपनीय रखी जावेगी । उन बातो को मध्यस्थ कार्यवाही समाप्त होने पर किसी भी न्यायालय अथवा अन्य कार्यवाही में प्रश्नगत नहीं किया जावेगा ।
04. यह कि मध्यस्थ के पक्षकारो सहित उनके अधिवक्ता गोपनीय रूप से कार्य करने की शपथ लेते हैं । यदि गोपनीयता भंग की जाती है तो इस संबंध में अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सकेगी ।
05. यह कि मध्यस्थ कार्यवाही के दौरान जो भी हल दोनो की सहमति से निकलेगा वह संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित दिनांकित कर इस न्यायालय को अंतिम आदेश पारित करने के लिये भेजा जावेगा ।
06. यह कि मध्यस्थ कार्यवाही के लिए 60 दिन नियत किये जाते हैं । यदि 60 दिन में कार्यवाही पूरी नहीं होती है तो पक्षकारों द्वारा इस न्यायालय के समक्ष आवेदन किये जाने पर 30 दिन की म्याद ओर बढ़ाई जा सकेगी ।
दिनांक-
स्थान- रायसेन ।
हस्ताक्षर/-
मध्यस्थ निर्देशन न्यायाधीश
हस्ताक्षर/- हस्ताक्षर/-
नाम नाम
आवेदक अनावेदक
हस्ताक्षर/- हस्ताक्षर/-
नाम नाम-
आवेदक अधिवक्ता अनावेदक अधिवक्ता
प्रतिलिपिः-
1- प्रभारी मध्यस्थता केन्द्र रायसेन ।
2- सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण रायसेन ।